हेलसिंकी/जयपुर। सवाई मानसिंह मेडिकल कॉलेज का प्रतिनिधित्व करते हुए डॉ. प्रियांशु माथुर ने फिनलैंड के हेलसिंकी में आयोजित SSIEM 2026 अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में ट्रांसकोबालामिन II (TCN2) डेफिशिएंसी नामक आनुवांशिक बीमारी पर रिसर्च दुनिया के सामने रखी।
फिनलैंड से प्राप्त जानकारी के अनुसार डॉ. प्रियांशु माथुर ने इस अतरराष्ट्रीय सम्मेलन में बेहद दुर्लभ और जानलेवा बीमारी ट्रांसकोबालामिन II (TCN2) डेफिशिएंसी पर अपना महत्त्वपूर्ण शोधपत्र प्रस्तुत किया। डॉ. प्रियांशु माथुर ने यहां इस आनुवांशिक बीमारी पर पोस्टर (पी-205) के जरिए अपनी रीसर्च को वैश्विक पटल पर रखा। डॉ. प्रियांशु माथुर के अनुसार यह बीमारी विश्वभर में इतनी दुर्लभ है कि अब तक इसके केवल 50 के आसपास मामले ही दुनियाभर में सामने आए हैं। यह एक ऑटोसोमल रिसेसिव मेटाबॉलिक डिसऑर्डर है, जिसका पूरी तरह से इलाज संभव है।
SMS मेडिकल कॉलेज का प्रतिनिधित्व करते हुए डॉ. प्रियांशु ने अपने शोध के जरिए दुनियाभर को बताया कि कैसे होल एक्सोम सीक्वेंसिंग और सीएनवी एनालिसिस तकनीक के जरिए इस जटिल बीमारी की सटीक पहचान की जा सकती है। इस बीमारी का समय पर पता चलने पर हाइड्रॉक्सोकोबालामिन थेरेपी तुरंत शुरू की जा सकती है। साथ ही यह थेरेपी बच्चे के शारीरिक और मानसिक विकास तथा खून से जुड़ी कमियों को पूरी तरह ठीक कर देती है। डॉ. प्रियांशु के मुताबिक सही समय पर इलाज मिल जाए, तो अंगों को होने वाले नुकसान से बच्चा जा सकता है और बच्चों की जान बचाई जा सकती है।

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